यह साड़ी में 108 से भी ज्यादा बार श्री राम का उल्लेख किया गया है। साड़ी के पल्लू के भाग में अभी अयोध्या में विशाल राममंदिर बन रहा है। उसका एक चित्र बनाया हुआ है। साड़ी के पल्लू की बॉर्डर में 20 से भी ज्यादा भाषाओं में प्रादेशिक और अंतरराष्ट्रीय दोनों भाषा में श्री राम का नाम लिखा हुआ है। साड़ी के दोनों साइड बॉर्डर में प्रभु श्री राम का जन्म हुआ। वहां से लेकर वह वन में गए और रावण के साथ युद्ध हुआ और फिर वापस पुष्पक विमान में बैठकर अयोध्या आए और राज्याभिषेक हुआ। तमाम जानकारी इस साड़ी में बताया हुआ है और साड़ी के बीच में रामचरित मानस के बालकांड के 350 से भी ज्यादा श्लोक का लिखा हुआ है। बालकांड लिखने के पीछे हेतु यह था कि अभी जो राम मंदिर बन रहा है उसमें बाल बालस्वरूप की मूर्ति पसंद की गई है और क्योंकि वहां प्रभु श्री राम का जन्म हुआ था तो इसलिए रामचरित मानस के बालकांड का उल्लेख साड़ी में किया गया है। इस साड़ी में रामायण का ऐसा उल्लेख किया है कि कोई आज का कोई भी युवा 2 से 3 मिनट तक पूरी रामायण रामायण को पढ़े तो पूरा रामायण उसको याद रह जाए। इस तरह से वर्णन किया गया है और और फिर लास्ट में है। पल्लू के ब्लाउज में, साड़ी के ब्लाउज में जो आज जिसकी वजह से राम मंदिर बन पा रहा है उसके अर्थ का प्रयत्न है। और 1992 में जो शहीद हुए थे बाबरी मस्जिद विध्वंस के। वह तो उस साड़ी में तमाम शहीद कार सेवकों का भी उल्लेख किया गया है जैसे कि कोठारी बंधु है वह जैसे 16 लोगों का नाम अंकित किया गया है और जिसके आधार प्रयास प्रयत्नों से राम मंदिर बनने जा रहा है जैसे कि नरेंद्र मोदी, अमित शाह, अटल बिहारी बाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, योगी आदित्यनाथ, मुरली मनोहर जोशी, आरएसएस, विश्वहिंदू परिषद और बजरंग दल कि जिसकी वजह से आज मंदिर बन रहा है उसका भी साड़ी में उल्लेख किया गया




